One Liner Questions -4

सर्वेषां तु स नामानि कर्माणि च पृथक् पृथक्- मनुस्मृति
देहि मे ददामि ते नि मे धेहि नि ते दधे- यजुर्वेद
वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः स्याम- यजुर्वेद
इमं मे गङ्गे यमुने सरस्वति शुतुद्रि- ऋग्वेद
ऋग्वेद में छन्दों का क्रमशः सबसे अधिक प्रयोग है- गायत्री- त्रिष्टुप्-जगती
गायत्री छन्द में २४ अक्षर होते हैं।
उष्णिक् छन्द में २८ अक्षर होते हैं।
अनुष्टुप् छन्द में ३२ अक्षर होते हैं।
बृहती छन्द में ३६ अक्षर होते हैं।
पंक्ति छन्द में ४० अक्षर होते हैं।
त्रिष्टुप् छन्द में ४४ अक्षर होते हैं।
जगती छन्द में ४८ अक्षर होते हैं।
ऋग्वेद में किस स्वर का कोई चिह्न नहीं लगता? उदात्त
ऋग्वेद में किस स्वर को पडी लकीर से दर्शाया जाता है? अनुदात्त
ऋग्वेद में किस स्वर पर खडी लकीर होती है?- स्वरित
विकृतियाँ कितनी है? ८
अष्टविकृतियाँ में सबसे बडा एवं कठिन पाठ है? घनपाठ
वेद के किस पाठ को शुद्ध पाठ कहा जाता है? संहिता पाठ को
ऋग्वेद के प्रथम मण्डल का ऋषि है? -मधुच्छन्दा
ऋग्वेद के द्वितीय मण्डल का ऋषि है? गृत्समद
ऋग्वेद के तृतीय मण्डल का ऋषि है? विश्वामित्र
ऋग्वेद के चतुर्थ मण्डल का ऋषि है? वामदेव
ऋग्वेद के पंचम मण्डल का ऋषि है? अत्रि
ऋग्वेद के छठें मण्डल का ऋषि है? भरद्वाज
ऋग्वेद के सप्तम मण्डल का ऋषि है? वसिष्ठ
ऋग्वेद के अष्टम मण्डल का ऋषि है? कण्व
ऋग्वेद के नवम मण्डल का ऋषि है? सोम
ऋग्वेद में कितनी ऋषिकाओं का वर्णन हैं? २१
ऋग्वेद के मौलिक कांड है? २ से ७
दयानन्द ने वेद का समय माना है?- सृष्टि का आरम्भ
श्री अविनाशचन्द्र दास ने वेद का समय माना है?- २५ हजार वर्ष पूर्व
बालगंगाधर तिलक ने वेद का समय माना है?- ४०००-२५०० ई. पू.
शंकर बालकृष्ण दीक्षित ने वेद का समय माना है?- ३५०० ई. पू. शतपथ ब्राह्मण के आधार पर
याकोबी ने वेद का समय माना है?- ४५०० ई. पू. ध्रुवतारा को आधार बनाकर
मैक्समूलर ने वेद का समय माना है- १२०० ई. पू., बुद्ध को आधार माना,
विन्टरनित्स ने वेद का समय माना है- २५०० ई. पू.
सामवेद के पूर्वार्चिक में कितने काण्ड है? ४,
सामवेद के पूर्वार्चिक में कितने अध्याय हैं?- ६
सामवेद के पूर्वार्चिक में कितने मन्त्र हैं? ६४०
सामवेद के उत्तरार्चिक में कितने अध्याय हैं?- २१
सामवेद के उत्तरार्चिक में कितने मन्त्र हैं? - १२२५
सामवेद में उदात्त के लिए- १ चिह्न
सामवेद में स्वरित के लिए- २ चिह्न
सामवेद में अनुदात्त के लिए- ३ चिह्न
सामगान सम्बन्धी स्वर हैं?- ७
सामगान सम्बन्धी ग्राम हैं? ३
सामगान सम्बन्धी मूर्च्छनाएँ हैं? - २१
सामगान सम्बन्धी तान हैं? ४९
सामविकार - ६
सामयोनि मन्त्र कहते है? पूर्वार्चिक के मन्त्रों को
सामगान ग्रन्थ कितने प्रकार के हैं? ४
माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्याः- अथर्ववेद
वयं तुभ्यः बलिहृतः स्याम- अथर्ववेद
निरुक्तकार यास्क का समय है? ७०० ई. पू.
पाणिनि का समय है? ५ वीं शती ई. पू.
कात्यायन का समय है? ४थी शती ई.पू.
पतञ्जलि का समय है? १५० ई.पू.
भोज का समय है? ११ वीं सती
बिल्हण का समय है? ११ वीं शती
सायण का कार्य है? ५ वैदिक संहिता, ११ ब्राह्मण, २ आरण्यक
दयानन्द सरस्वती का ऋग्वेद के कितने काण्डों पर भाष्य है? ७ काण्डों पर
"वेदोऽखिलो धर्ममूलम्" यह किसका वचन है?- मनुस्मृति
"ब्राह्मणेन निष्कारणो धर्मः षडङ्गो वेदोऽध्येयो ज्ञेयश्च।"- महाभाष्य
छन्द- पाद
कल्प- हस्त
ज्योतिष- चक्षु
निरुक्त -श्रोत
शिक्षा- घ्राण
व्याकरण- मुख
स्वरवर्णाद्युच्चारणप्रकारो यत्र शिक्ष्यते उपदिश्यते सा शिक्षा- सायण
वर्णः, स्वरः, मात्रा, बलम्, साम, संतानः, इत्युक्तः शीक्षाध्यायः- तैत्तिरीयोपनिषद्
रक्षोहागमलघ्वसन्देहाः प्रयोजनम्- महाभाष्य
निघण्टु में कितने अध्याय हैं?- ५
निरुक्त में कितने पृथ्वी वाचक शब्द बताएँ? २१
निरुक्त में कितने जलवाचक शब्द बताएँ? १००
निरुक्त के प्रतिपाद्य विषय हैं? ५

Previous
Next Post »

if any question, you can comments.... ConversionConversion EmoticonEmoticon